Gold Monetization Scheme 2022 | घर में रखे सोने से भी कर सकते हैं कमाई

Gold Monetization Scheme क्या है ?

Gold Monetization Scheme  एक ऐसा स्कीम है जिसके तहत आप घर में रखे सोने (Gold) पर ब्याज के माध्यम से इनकम भी कमा सकते हैं। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (Gold Monetization Scheme) को साल 2015 मे लेकर आया इस स्कीम के तहत ग्राहकों को अपना सोना बैंक में जमा करना होगा उसके बाद उस सोने पर बैंक उसे ब्याज देगा।

इस स्कीम की सबसे खास बात है कि पहले ग्राहक अपने सोने को लॉकर में रखते थे लेकिन अब इस योजना के तहत ग्राहक को लॉकर लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। गोल्ड जमा करने के बाद बैंक आपको गोल्ड की सलाना वैल्यू पर 2.25 से 2.5 फिसदी तक सलाना ब्याज देगी |

इस योजना के तहत आप बैंक के पास गोल्ड – बार, सिक्के, गहने (स्टोन्स रहित, अन्य मेटल रहित) जमा कर सकते हैं। इसके साथ बैंक में सोने जमा करते वक्त ग्राहक को आवेदन फॉर्म,आईडी प्रूफ, , एड्रेस प्रूफ (निवास पत्र ) और इन्वेस्टरी फार्म भरना होता है। इस गोल्ड स्कीम के तहत बैंक अधिकृत शाखा की तरफ से ग्राहकों को स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र देंगें । यह प्रमाणपत्र ग्राहकों को शुद्ध सोने(995 की शुदधता) के लिए ही जारी करेगी।

Gold जमा करने की अवधी एवं ब्याज :

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत गोल्ड तीन प्रकार की समय अवधी के लिए आप जमा करा सकते हैं।

  • शॉर्ट टर्म बैंक डिपॉजिट :
    इस अवधि के तहत ग्राहक 1 से 3 साल तक के लिए अपना गोल्ड जमा करा सकता है। इस पर मिलने वाला ब्याज होगा 0.50 % से लेकर 0.75%तक है।
  • मीडियम टर्म बैंक डिपोजिट :
    इस अवधि के तहत ग्राहक 5 से 7 साल तक के लिए अपना गोल्ड जमा कर सकता है। इस पर बैंक द्वारा मिलने वाला ब्याज दर 2.25% सालाना होता है।
  • लॉन्ग टर्मा बैंक डिपॉजिट :
    इस अवधि के तहत ग्राहक 12 से 15 साल तक लिए अपना सोना बैंक में जमा करा सकता है। इस पर बैक उन्हें 2.50 %. तक सालाना ब्याज देगी |
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Gold Monetization Scheme के तहत कितना सोना रखा जा सकता है ?

इस योजना के तहत कम से कम 10 ग्राम गोल्ड बैक में जमा करना होगा। अधिकतम जमा की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।

Gold Monetization Scheme लाने की मुख्य वजह :

भारत सरकार चाहती है कि घरों में पड़े अधिक से अधिक मात्रा में सोना बाहर निकले और बैंकों के पास पहुंचे। इससे देश को सोने पर आयात कम करने मे मदद तो मिलेगी ही साथ ही आयात पर निर्भरता कम होने से देश के चालू खाता घाटे को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

सरकार का मानना है लोगों के घरो एवं मंदिरों में बहुत ही भारी मात्रा मे सोना पड़ा हुआ है यदि घरों और मंदिरों में पड़ा सोना बैंक तक पहुंच जाये तो इससे देश की अर्थव्यवस्था में काफी तेजी आएगी तथा रोजगार का एक नया अवसर भी तैयार हो सकता है इससे देश तरक्की करेगा क्योंकि इससे सरकार के पास अधिक मात्रा में सोना मिल जाएगा।

Gold Monetization Scheme के टैक्स नियम :

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत होने वाली आमदनी बिल्कूल टैक्स फ्री है इस स्कीम के तहत जमा किए गए गोल्ड पर मिलने वाली ब्याज पर किसी भी तरह का टैक्स, वेल्थ टैक्स या फिर किसी भी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना होगा, बैंक में जमा किए गए गोल्ड की समय अवधि पूरी हो जाने पर जमा किए गए सोने के साथ आप ब्याज टैक्स फ्री निकाल सकते हैं

तय समय से पहले निकासी का नियम :

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत बैंक में जमा किए गए सोने को समय से पहले भी आप चाहे तो निकाल सकते हैं लेकिन जमा करने की प्रभावी तिथि से एक वर्ष पूरा होने से पूर्व यदि आप अपना सोना बैंक से निकाल लेते हैं तो आपको कोई ब्याज नही दिया जाएगा । अन्य सभी मामलों में 0.15% का जुर्माना लगाया जाएगा।

Gold Monetization Scheme के तहत कौन-कौन जमा कर सकता है ?

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति स्वयं या पार्टनरशिप सेबी (म्यूचुअल फंड ) विनियमों के अन्तर्गत पंजीकृत म्यूचुअल फंड / एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सहित ट्रस्ट, कंपनी, या को संस्थांए, चैरिटेबल राज्य सरकार, केन्द्र सरकार। केन्द्र सरकार राज्य सरकार या फिर दोनों द्वारा स्वामित्व वाली कोई संस्था बैंक में इस योजना के तहत अपनी गोल्ड जमा करा सकता है।

Gold Monetization Scheme की कमी क्या है ?

इस स्कीम के तहत जमा किए गोल्ड सिक्के, गहने, ज्वैलरी आदि को गला दिया जाता है, ग्राहकों को CPTC/GMCTA का एक कागज के रूप में सर्टिफिकेट दिया जाता है।

जिसमें यह उल्लेख किया हुआ होता है कि उसने 995 फाइनेंस गोल्ड की कितनी मात्रा में बैंक के पास जमा किया है। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर ग्राहक के बैंक खाता में चढ़ा दिया जाता है कि उसने 995 फाइनेंस गोल्ड की कितनी मात्रा बैंक में जमा किया है। और इसकी आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते है |

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