हृदय योजना 2022 | Hriday Yojana, हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड ओगमेनटेशन योजना

हृदय योजना क्या है ?

हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड अगरमेनटेशन योजना या एच आर आई डी ए वाय (HRIDAY) स्क्रीम की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 21 जनवरी 2015 को की गई |

हृदय योजना पुराने शहर सिटी गांव के आधुनिक विकास वृद्धि के लिए बनाई गई है ताकि पुराने शहर जो प्राचीनता की विशेषता के कारण प्रसिद्ध है |

उन्हें स्मार्ट तरीके से विकास करना ऐसे शहरो मे डेवलपमेंट के साथ-साथ स्वच्छता को बढ़ावा देकर शहरो को पर्यटन की दृष्टि से बनाना एवं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लोग आकर इस पर्यटन स्थल का आनंद ले सकें | इससे शहरों के विकास के साथ-साथ रोजगार भी बढ़ेगा |

हृदय योजना के तहत शहरों की लिस्ट :

हृदय योजना के तहत पहले चरण में देश के 12 शहरों को ही चुना गया है जो इस प्रकार है
अमरावती, अमृतसर, अजमेर, गया, द्वारका, बदामी, कांचीपुरम, मथुरा, पूरी, वाराणसी, वेलांकन्नी तथा वारंगल |

यह सभी देश के वे धार्मिक स्थल हैं | जिन्हें पहले चरण में विकास के लिए चुना गया | यह सभी शहर पहले से ही काफी प्रचलित है लेकिन विकास इंफ्रास्ट्रक्चरऔर डेवलपमेंट की दृष्टि से पीछे रहने के कारण यहां पर्यटको का आना पहले से बहुत कम हो गया है |

इसी कारण सरकार ने इस योजना के माध्यम से इन पर्यटन शहरों को पूरी तरह डेवलप करना चाहती है ताकि यहां पहले से कहीं अधिक संख्या में पर्यटक यहां घूमने आए |

इससे देश के साथ-साथ उस शहर का भी विकास होगा वहां के स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे | इस स्कीम के तहत चुने गए शहरो में वहां के घाटों मंदिर रोड पब्लिक ट्रांसपोर्ट होटल शौचालय की सुविधा के अलावा नागरिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

हृदय योजना

हृदय योजना का मुख्य उद्देश्य :

राष्ट्रीय विरासत शहर एवं विकास विभाग “हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड अगरमेनटेशन योजना” | इस योजना के लिए केंद्र सरकार मुख्य फोकस इस बात पर है पुराने शहर और इसके विकास एवं रखरखाव को बेहतर तरीके के माध्यम से पर्यटक की दृष्टि से काफी आकर्षण एवं आवागमन की सुविधा अनुसार उनका आगे का कार्य हो इसलिए भारत सरकार देश के कुछ शहरों को विशेष सुविधा प्रदान कर पुराने विरासत स्थलों को फिर से आकर्षण का केंद्र बनाना चाहती है |

सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत शहरों के विकास एवं शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा शहर की प्रमुख जरूरतों का तथा संसाधनों को इस योजना द्वारा पूर्ण किया जाएगा केंद्र सरकार द्वारा इस योजना पर ₹500 खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।

हृदय योजना के अंतर्गत जिन शहरों को शामिल किया गया है :

शहर का नामशहर के लिए आवंटित राशि
अजमेर (राजस्थान)40.05cr
अमरावती (आंध्र प्रदेश )22.50cr
अमृतसर (पंजाब)69.30cr
गया (बिहार)40.06 cr
द्वारका( गुजरात)22.66 cr
बदामी( कर्नाटक)22.26cr
मथुरा( उत्तर प्रदेश)40.00cr
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)89.31cr
कांचीपुरम( तमिल नाडु)23.01cr
पुरी (उड़ीसा)22.50cr
वेलांकन्नी (तमिल नाडु)22.89cr
वारंगल (तेलंगाना )40.50cr
वेल्लोर( तमिल नाडु)19.17cr

हृदय योजना की इनकी विशेषता और लाभ :

  • इस योजना की मुख्य विशेषता है की इसके तहत चुने गए देश के प्रमुख धार्मिक शहरो को विश्व स्तर पर पर्यटन का केंद्र बनाया जाए |
  • इन प्राचीन शहरों की प्रसिद्धि हर साल अनेको को पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है और संभवत संभावना है कि शहरों को विकसित हो जाने पर इसका अनावरण बढ़ेगा जिससे पर्यटन में बहुत फायदा मिलेगा |
  • इस योजना के तहत इन शहरों का तो विकास होगा ही पर्यटको को भी काफी फायदा होगा |
    इसके साथ-साथ वहां रहने वाले स्थायी लोगों को भी अच्छे शहर मिलेंगे एवं रोजगार भी उत्पन्न होंगे |
  • इस योजना के तहत विकसित होने के बाद यहां के लोगों में काफी बदलाव आएगा | रहन-सहन के अलावा पुरानी आदतों को छोड़कर नए परिवेश में प्रवेश करेंगे |
  • इस योजना के सफलतापूर्वक कार्य पूर्ति होने पर भारत में ज्यादा पर्यटक आने से देश का पर्यटन सिस्टम काफी मजबूत होगा तथा इसके साथ ही देश की आर्थिक व्यवस्था को भी तेजी से मिलेगी |

हृदय योजना के लिए पैसा रिलीज एवं कार्य :

हृदय योजना के तहत 2018 में सरकार ने 421.27 करोड का बजट पास किया था | जिसमें से 241.26 करोड रिलीज हो चुके हैं शुरू में जब यह योजना को शुरू किया तो इस योजना का कुल बजट 500 करोड़ रखा गया |

सरकार द्वारा शहरों के हिसाब से राशि का आवंटन शहर की आबादी एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से रखा गया है | इसमें से सबसे ज्यादा रांशि वाराणसी शहर को आवंटित की गई है क्योंकि वाराणसी एक बहुत बड़ा धार्मिक शहर है इन सभी 12 शहरो में से सबसे अधिक प्रचलित एवं फेमस भी वाराणसी ही है |

वाराणसी शहर में हर साल सबसे अधिक लोग आते हैं देश के अलग-अलग राज्यो से एवं विदेशों से भी ज्यादातर लोग वाराणसी भ्रमण करने के लिए आते हैं |

वाराणसी में लोग गंगा दर्शन करके गंगा जी की आरती करने आते हैं यहां आस-पास और बहुत सारे धार्मिक स्थल हैं जैसे काशी विश्वनाथ जी का विशाल मंदिर जहां सावन का मेला भी लगता है |

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