नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2022 | New Education Policy, नई शिक्षा नीति

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी National Education Policy

केंद्र सरकार के द्वारा पूरे भारत में पुराने शिक्षा नीति को समाप्त करके उसके जगह का नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लाया जाएगा | इस National Education Policy मैं सरकार ने कई पुराने शिक्षा नीति को बदल कर नई चीजों को लाया है |

इस नई शिक्षा नीति को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य है की भारत को शिक्षा जगत में विश्व गुरु बनाना है। इस शिक्षा नीति के अनुसार भारत को 2030 तक स्कूल के शिक्षा में 100% GIR के साथ पहले के स्कूल से माध्यामिक विद्यालय तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण किया जाएगा |

पुराने शिक्षा नीति में (10+2) पैटर्न लागू होता था जिसे बदलकर 5+3+3+4 पैटर्न को लागू कर दिया गया। नए शिक्षा नीति में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया।

इसरो के डॉक्टर कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में नई शिक्षा नीति का रिपोर्ट तैयार किया गया, उस रिपोर्ट को सरकार को सौंप दिया गया जिसे सरकार ने लागू किया |

पुराना एजुकेशन पॉलिसी बहुत पुराना हो गया था उसमें कई सालों से कुछ बदलाव नहीं हुए थे जिस चीज की जानकारी दादाजी पिताजी लिए थे वही जानकारी हम ले रहे थे जो आज के समय में उसका कोई काम नहीं है इसलिए एजुकेशन पॉलिसी को बदलना जरूरी था |

2014 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में New Education Policy को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शामिल किया था । जिसे उन्होंने लागू कर दिया |

इस लेख में हम आपको बताएँगे कि नए एजुकेशन पॉलिसी क्या है, उसका उद्देश्य, लाभ, विशेषताएं पॉलिसी के काम करने की प्रक्रिया आदि को हम आपको बताएँगे। इसलिए आप इस लेख का पूरा पढ़ें ।

National Education Policy 2022

योजनानेशनल एजुकेशन पॉलिसी
लांचभारत सरकार
लाभार्थीभारत के नागरिक
उद्देश्यशिक्षा का सार्वभौमीकरण करना शिक्षा जगत में विश्वगुरु बनाना
स्कीम उपलब्ध है या नहींउपलब्ध है
ऑफिसियल वेबसाइटeducation.gov.in

National Education Policy का उद्देश्य

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लागू करने के पीछे सरकार का उद्देश्य यह हैं कि पुराना शिक्षा निति बहुत पुराना हो गया था | उसमें कई सालों से बदलाव नहीं किए गए थे। उस शिक्षा नीति में कई ऐसी चीजे है जो आज के समय में बदल गए हैं |

उसका कुछ अभी काम नहीं है इसलिए पुराना शिक्षा नीति को बदलकर National Education Policy को लाया गया ताकि भारत को विश्व में एक अलग पहचान हो और भारत शिक्षा जगत में विश्व गुरु बन सके।

इस नई शिक्षा नीति में शिक्षा का सार्वभौमीकरण विकास किया जाना है और इसमें कई नई चीजों को जोड़ा जाएगा जो पुराना एजुकेशन पॉलिसी में नही है | एजुकेशन पॉलिसी में आधुनिक चीजो को लाया जाएगा |

जिससे बच्चे आधुनिक युग के शिक्षा ले पाएंगे | आम चुनाव जो की 2014 में हुए थे उस समय नई शिक्षा नीति भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र में था | जिसे उन्होंने पूरा कर दिया |

National Education Policy की विशेषताएँ

New Education Policy को भारत सरकार ने लॉन्च किया हैं। इस पॉलिसी में मिलने वाली विशेषताएं नीचे दी गई हैं।

  • इस एजुकेशन पॉलिसी के आने से मानव संसाधन प्रबंधन मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय रख दिया गया।
  • इस एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार शिक्षा का सार्वभौमिकरण किया जाएगा |
  • इसमें मेडिकल और Law को शामिल नहीं किया गया है |
  • पुराने शिक्षा नीति में 10+2 को लागू किया गया था, जिसे बदलकर अब 5+3+3+4 पैटर्न को लागू कर दिया गया हैं |
  • इसमें 12 साल स्कूली शिक्षा दिया जाना है, और 3 वर्ष की प्री स्कूली शिक्षा को को जोड़ा गया है।
  • इस शिक्षा नीति की खास बात यह हैं कि बच्चों को छठी कक्षा से ही व्यवसायिक, इंटर्नशिप आदि का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
  • बच्चे अगर चाहे तो वह पांचवी कक्षा तक अपनी मात्री भाषा में पढ़ाई कर सकते हैं।
  • पुराने शिक्षा नीति में साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स का स्ट्रीम होता था, जिसमें से बच्चे को एक स्ट्रीम का चयन कर पढ़ना होता था।
  • नए शिक्षा नीति में इसे बदल दिया गया है। जैसे कि :- कोई विद्यार्थी अगर फिजिक्स को चुनता है तो वह अगर चाहे तो आर्ट्स के विषय की पढ़ाई भी कर सकता है।
  • नई शिक्षा नीति के अनुसार विद्यार्थियों को छठी कक्षा से ही Computer सिखाया जाएगा, और साथ साथ कोडिंग का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा |
  • सभी विद्यालयों को डिजिटल बनाया जाएगा |
  • जो भी कंटेट छात्रों को पढ़ाया जाएगा उसे उनके क्षेत्रीय भाषा में भी ट्रांससलेट किया जाना है।

National Education Policy के लाभ

New Education Policy में जो लाभ मिलने वाले हैं वह नीचे दी गई हैं :

  • नई एजुकेशन पॉलिसी को पढ़कर भारत के छात्र को आत्मनिर्भर बनाना है।
  • केंद्र सरकार के द्वारा नई एजुकेशन पॉलिसी में G.D.P का 6% रुपया इस योजना पर खर्च करेगी |
  • नई शिक्षा नीति में भारत के जो प्राचीन भाषा है जैसे कि संस्कृत उसको आगे बढ़ाया जाएगा, IIT के क्षेत्र में भी संस्कृत को ले जाया जाएगा |
  • हायर एजुकेशन के लिए एमफिल डिग्री को खत्म कर दिया गया है |
  • इसमें एकस्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को मेन विषय में भी शामिल किया जाएगा |
  • इस शिक्षा नीति में छात्र को 3 भाषा की शिक्षा दी जाएगी | प्रत्येक राज्य अपने स्तर पर इसका चयन करेंगे।

National Education Policy कैसे काम करता हैं

भारत में पुराना शिक्षा नीति को बलकर New Education Policy को लाया गया अगर आप जानन चाहते हैं कि नेशनल एजुकेशन कैसे काम करता है, तो नीचे उसे पढ़ें ।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी चार पैटर्न में काम करेगा। जो 5+3+3+4. पैटर्न में होगा। इस पैटर्न का उपयोग करके विद्यार्थियों के पढ़ाई को आगे बढ़ाना है। इस नए एजुकेशन पॉलिसी के पैटर्न में 12 वर्ष का स्कूल का पढ़ाई एवं 3 वर्ष की स्कूली शिक्षा को इसमें शामिल किया गया है।

इस शिक्षा नीति को भारत के अंदर जितने भी स्कूल हैं चाहे वह सरकारी या फिर गैर सरकारी उनको इस नीति को लागू करना होगा |

New Education Policy में कितने चरण है

National Education Policy के 4 चरण हैं। जो इस प्रकार हैं :

  • फाउंडेशन स्टेज : इस स्टेज में उन बच्चों को शामिल किया जाएगा जिनकी उम्र 3 साल से 8 साल के बीच हों।
    इसमें भाषा कौशल, शिक्षण के विकास के बारे में बच्चों को सिखाया जाएगा। इस पर उन्हें ध्यान दिया जाएगा।
  • फ्रीप्रेटरी स्टेज : इसमें उन बच्चों को शामिल किया गया हैं जिनकी उम्र 8 साल से लेकर 11 वर्ष के बीच हो | इसमे कक्षा 3 से लेकर कक्षा 5 तक के बच्चे को शामिल किया जाएगा | उन छात्रों की भाषा एवं संख्यात्मक कौशल का ज्ञान देना, शिक्षक का प्राथमिकता होगा। इसमें क्षेत्रीय भाषा की भी शिक्षा दी जाएगीं।
  • मिडिल स्टेज : जो छात्र 6 से कक्षा 8 तक के बीच पढ़ रहे हैं उन्हें मिडिल स्टेज में शामिल किया जाएग |
    इसमें बच्चों को computer सिखाया जाएगा और साथ में कोडिंग का भी प्रशिक्षण दिया जाएग |
    व्यवसायिक प्रशिक्षण और इंटर्नशिप भी मिडिल स्टेज में ही बच्चों को दिया जाएगा |
  • सेकेंडरी स्टेज : कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक छात्रों को सेकेंडरी स्टेज में शामिल किया जाएगा। जैसा कि पहले सकेंडरी स्टेज मे बच्चे साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स का चयन कर उसे पढ़ते थे लेकिन अब बदलाव कर दिया गया है। इस शिक्षा नीति में अगर बच्चा फिजिक्स के साथ आर्ट्स पेपर भी पढ़ना चाहता है तो वह पढ़ सकता है। इसमें एकस्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को मेन विषय आप रख सकते हैं |

नई शिक्षा नीति में बताए गए बदलाव को कैसे लागू किया जाएगा

नई शिक्षा नीति में जो सुधार बताए गए हैं उसे अभी सिर्फ मंजूरी दी गई हैं, लेकिन उसे लागू किया जाना बाकी है । शिक्षा एक समवर्ती विषय है | जिस पर केंद्र एवं राज्य दोनों का एक सोच हैं, दोनों सरकार का अनुमति से ही शिक्षा नीति में जो सुझाव बताए गए हैं, उसे लागू किया जा सकता है।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लागू करने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार का आपसी मेल होना जरूरी है। तब ही नई शिक्षा नीति लागू किया जा सकता है |

New Education Policy 2022 (FAQ)

Q : नए एजुकेशन पॉलिसी का पैटर्न क्या है ?

Ans : इस पॉलिसी में पुराने शिक्षा नीति का पैटर्न (10+2) को चेंज करके (5+3+3+4 ) पैटर्न को लागू किया जाएगा |

Q : नई शिक्षा नीति में क्या बोर्ड परीक्षा होगी या फिर नहीं ?

Ans : नया एजुकेशन पॉलिसी में बोर्ड परीक्षा लिया जाएगा | लेकिन उसमें कई चीजों को चेंज किया जाएगा | साल में दो बार 10वीं एवं 12वीं का बोर्ड परीक्षा को लिया जाएगा | नई एजुकेशन पॉलिसी के आने से छात्रों को बोर्ड परीक्षा के प्रति डर कम होगा |

Q : नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का ऑफिशियल वेबसाइट क्या है ?

Ans : नेशनल एजुकेशन पॉलिसी का ऑफिसियल वेबसाइट नीचे दिया गया है |
education.gov.in

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